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सिफारिशें मानने में क्या है, मान लेते हैं...

By विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक, ‘भोपाल गैस त्रासदी: आधी रात का सच’ से, 7/1/2022 - शुक्र, 01/07/2022 - 20:42

मप्र सरकार गैस त्रासदी पर भोपाल सीजेएम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील दायर करेगी। साथ ही वह सुप्रीम कोर्ट में भी धारा 304 दो का प्रकरण रीओपन करने के लिए याचिका दाखिल करने जा रही है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और विधि मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले को लेकर गठित विधि विशेषज्ञों की कमेटी के निष्कर्षों की जानकारी दी। 

उन्होंने सीबीआई के साथ गैस पीड़तों को भी बकरा बनाया

By विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक, ‘भोपाल गैस त्रासदी: आधी रात का सच’ से, 6/1/2022 - गुरु, 01/06/2022 - 19:26

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में गैस पीड़ितों पर प्रायोगिक दवाओं के परीक्षण के खुलासे के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। गैस पीड़ितों ने मरीजों पर दवाओं के हुए प्रयोग की शिकायत सुप्रीम कोर्ट में करने का निर्णय लिया है।…यहां डॉक्टरों ने करीब एक हजार गैस पीड़ितों पर उन्हें बिना बताए वर्ष 2005-2008 की अवधि में दवाओं का परीक्षण किया है। दवाओं का प्रायोगिक परीक्षण मुख्य रूप से हृदय, श्वांस, पेट समेत कुछ अन्य रोगों के उपचार के संबंध में किया गया।… गैस पीड़ितों के शरीर पर प्रायोगिक दवाओं का क्या प्रभाव पड़ा, डॉक्टरों ने इसका अध्ययन भी नहीं किया। …उधर बीएमएचआरसी के कार्

ज्ञान की गोली : सीबीएसई ने बताया- 10वीं, 12वीं के परीक्षा पैटर्न में बदलाव नहीं!

By देवांशी वशिष्ठ, दिल्ली से, 6/1/2022 - गुरु, 01/06/2022 - 18:46

आज के बुलेटिन में जानिए

  • 15 साल से ऊपर से सभी बच्चों से वैक्सीन लगवाने की अपील, अपनी मिसाल के साथ। 
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (CBSE) की ओर से 10-12वीं के बच्चों के लिए जारी स्पष्टीकरण। 
  • ओएनजीसी की नई चेयरमैन।

ऐसे ही कुछ अपडेट जानते हैं देवांशी से। 

विशेष आग्रह : #अपनीडिजिटलडयरी से जुड़े नियमित अपडेट्स के लिए डायरी के टेलीग्राम चैनल (जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें) से भी जुड़ सकते हैं।    

इन्हें ज़िन्दा रहने की ज़रूरत क्या है?

By विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक, ‘भोपाल गैस त्रासदी: आधी रात का सच’ से, 5/1/2022 - बुध, 01/05/2022 - 20:17

एक बार फिर पुरानी फाइलों में से कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए।…गैस त्रासदी के मूल दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई है। ऐसा मुजरिमों को बचाने के लिए और मामूली सजा दिलाने के लिए किया गया। दस्तावेजों से जाहिर है कि 3 दिसंबर 1984 को दर्ज हादसे की एफआईआर और पांच दिसंबर को कोर्ट के रिमांड आर्डर में भारी हेराफेरी की गई है। इन दस्तावेजों को हमने कानून के विशेषज्ञों, नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट के सदस्यों और प्रदेश सरकार की विधि विशेषज्ञों की समिति के सदस्य शांतिलाल लोढ़ा से भी तस्दीक कराया। 

ज्ञान की गोली! चीन का नया सीमा कानून, हमारी 15 जगहों के नाम बदलने का दुस्साहस

By देवांशी वशिष्ठ, दिल्ली से, 5/1/2022 - बुध, 01/05/2022 - 10:40

आज के बुलेटिन में जानिए

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से क्या खबर आ रही  है।
  • चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 15 जगहों के नाम बदल दिए, कैसे
  • क्या कहता है, चीन का नया कानून और कब से हुआ लागू

ऐसे ही कुछ अपडेट जानते हैं देवांशी से। फोटो एचटी से साभार। 

विशेष आग्रह : #अपनीडिजिटलडयरी से जुड़े नियमित अपडेट्स के लिए डायरी के टेलीग्राम चैनल (जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें) से भी जुड़ सकते हैं।    

ज्ञान की गोली..आज आग्रह, कोरोना टीका नहीं लगा हो, जल्द लगवा लें, बेहतर होगा

By देवांशी वशिष्ठ, दिल्ली से, 4/1/2022 - मंगल, 01/04/2022 - 19:18

#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों से #नॉलेजपिल्स में देवांशी आज कुछ नई-पुरानी जानकारियों के साथ एक मौजूँ सा आग्रह कर रही हैं- जल्द से जल्द कोरोना टीका लगवा लेने का। कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप की वजह से संक्रमण के मामले पूरे देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। ओमिक्रॉन का पता सबसे पहले जिस दक्षिण अफ्रीका में लगाया गया था, वहीं से खबर ये भी है कि हमारे शरीर को कोरोना टीका लगवाने से मदद मिल रही है। इससे वह ओमिक्रॉन से मुकाबला करने में अधिक सक्षम हुआ है। लिहाजा, टीका अगर नहीं लगा है, तो जल्द लगवा लेने में ही भलाई है। 

   

शरीर असली पापी नहीं है..पाप तो हमारा मन ही करता है

By अनुज राज पाठक, दिल्ली से, 4/11/2022 - मंगल, 01/04/2022 - 18:51

सेवानिवृत्त न्यायधीश देवाशीष ट्रेन की सीट पर बैठे ही थे कि सामने बैठी युवती ने स्नेहमिश्रित सम्मान से अभिवादन किया। देवाशीष के लिए अनजान युवती का अभिवादन आश्चर्यजनक था। युवती ने पूछा, “अंकल, आप ने पहचाना नहीं?” देवाशीष ने कहा, “बेटी, मुझे याद नहीं कि आप से कब मिला।”

युवती ने कहा, “आप मुझे कैसे पहचानोगे? आप से मैं तब मिली थी, जब मैं दस साल की थी। आप तब सूर्यपुर में जिला फैमिली कोर्ट में जज थे।”

“बेटा, मैं अब तो मुझे सेवानिवृत हुए पाँच साल हो गए। कहाँ सब याद रहता है, ऊपर से इतनी पुरानी बात।”

पहले हम जैसे थे, आज भी वैसे ही हैं… गुलाम, ढुलमुल और लापरवाह! 

By विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक, ‘भोपाल गैस त्रासदी: आधी रात का सच’ से, 3/1/2022 - सोम, 01/03/2022 - 20:26

...खबर मिली है कि भारत ने डाऊ कैमिकल्स को इस बात की गारंटी दे दी थी कि उसे पैतृक कंपनी यूनियन कार्बाइड के अपराध यानी भोपाल गैस त्रासदी का जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। आरटीआई याचिका को मिले जवाब में यह संदेह पुख्ता हो रहा है। 2006 में डाऊ केमिकल्स के तत्कालीन सीईओ लिवरिस द्वारा अमेरिका में भारतीय राजदूत रोनेन सेन को लिखा पत्र यही कहता है। एंड्रयू ने साफ कहा है कि डाऊ केमिकल्स 1984 के भोपाल हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं है। 

ज्ञान की गोली..आज बात पढ़ने-लिखने, खेलने-खुलने की

By देवांशी वशिष्ठ, दिल्ली से, 3/1/2022 - सोम, 01/03/2022 - 19:09

#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों को #नॉलेजपिल्स में देवांशी आज बता रही हैं, पढ़ने-लिखने की बातें। खेलने-खुलने की बातें। जैसे- देश के शिक्षा मंत्री ने एक अभियान शुरू किया है, ‘पढ़े भारत, बढ़े भारत’। बच्चों में यह अच्छी किताबें पढ़ने का रुझान विकसित करने के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। ऐसे इस साल फुटबॉल विश्व कप जैसी कुछ बड़ी प्रतियोगिताओं की जानकारी भी   

क्यों आज हमें लाखों सावित्री बाई फुले चाहिए

By संदीप नाईक, देवास, मध्य प्रदेश से 3/1/2022 - सोम, 01/03/2022 - 17:35

सावित्री बाई फुले का आज जन्मदिवस है। तत्कालीन समाज में जिस तरह से संघर्ष करके उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई के महत्व को समझा और लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया, वह सराहनीय है। इतिहास में यह सब सफलता के रूप में दर्ज है।

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