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2030 में रिटायर होगा अंतरिक्ष का अगुआ आईएसएस

By देवांशी वशिष्‍ठ, दिल्ली से, 08-02-2022 - मंगल, 02/08/2022 - 07:58

आज के बुलेटिन में ख़ासः 

राग इश्क़ः हर वीराने में सदियों से है प्रेम का अनहद नाद

By संदीप नाईक, देवास, मध्य प्रदेश से, 07/02/2022 - सोम, 02/07/2022 - 22:50

पचमढ़ी में किसी भी जगह जाओ- चाहे छोटे झरनों से झरते पानी को छूने के लिए बी-फॉल में नीचे उतरो, छुपने के लिए पांडव गुफ़ा जाओ, धूपगढ़ का सूर्योदय देखो या सूर्यास्त, दर्शन के लिए गुप्त महादेव जाओ या सिर्फ़ यूँ ही यायावरी करते हुए पहाड़ों में घूमते रहो, आपको उस वीराने में कोई न कोई गाने वाला मिल ही जाएगा। एक बूढ़ी औरत को बहुदा मैंने वहाँ देखा है। वह अकेले में अपनी धुन में गाती रहती है। पता नहीं कौन मीरा दीवानी है।   

लता मंगेशकर के बारे में वह सब, जिसकी बात थोड़ी कम हुई

By देवांशी वशिष्‍ठ, दिल्ली से, 07/02/2022 - सोम, 02/07/2022 - 19:32

आज के अख़बारों में लता मंगेशकर को स्वरांजलि से बढ़कर दूसरा कुछ नहीं रहा। इसलिए आज डायरी का यह ख़ास बुलेटिन भी दीदी को समर्पित। 

इसमें जानिए वो बातें, जिनकी बात अख़बारों ने थोड़ी कम की। जैसे-

मौत तुझसे वादा है.... एक दिन मिलूँगा जल्द ही

By संदीप नाइक, देवास, मध्य प्रदेश से, 5/2/2022 - शनि, 02/05/2022 - 23:47

मौत की ख़बरें अब विचलित नही करतीं। रोज़ किसी न किसी के गुजर जाने की सूचना मिलती है। और ये सूचनाएँ एक आँकड़े में बदलकर दफ़न होती जा रही हैं। इन पर बोलना, सोचना और कुछ करना बेमानी लगता है। दुखद, नमन , श्रद्धांजलि या ओम शांति जैसे शब्द लिखना इतना मशीनी हो गया कि अंग्रेजी साहित्य के कवि टीएस इलियट की कविता ‘द वेस्ट लैंड’याद आती है और सब कुछ धुआँ-धुआँ होने लगता है। 

आभासी दुनिया में सामूहिक बलात्कार! यह दावा हमें सोचने पर मजबूर जरूर करेगा

By टीम डायरी, 4/2/2022 - शुक्र, 02/04/2022 - 19:03

आभासी दुनिया (Vertual World) में कुछ भी हो सकता है। किसी के साथ सामूहिक बलात्कार भी। जी, ब्रिटेन की एक 43 वर्षीय भारतवंशी महिला नीना जेन पटेल ने दावा किया है कि फेसबुक-मेटावर्स (Facbook-Metaverse) के आभासी प्लेटफॉर्म ‘होराइजन वेन्यूज’ (Horizon Venues) में उनके साथ तीन-चार लोगों ने ‘वर्चुअली सामूहिक बलात्कार’ किया। यूजर्स ‘होराइजन वेन्यूज’ में अपने ही आभासी किरदार (Avatar) बनकर एक अलग ही दुनिया में विचरण करते हैं।

एंडरसन सात दिसंबर को क्या भोपाल के लोगों की मदद के लिए आया था?

By विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक, ‘भोपाल गैस त्रासदी: आधी रात का सच’ से, 3/2/2022 - गुरु, 02/03/2022 - 17:12

सात दिसंबर की हकीकत क्या है, यह सामने आना ही चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि एंडरसन वाकई चेरिटी के मकसद से यहां आया था। वह लोकसभा चुनावों के प्रचार का दौर था। हवाई जहाज की पायलटी छोड़कर राजीव गांधी देश को चलाने के लिए आगे आए ही थे। इंदिरा गांधी की मौत के बाद वे राजनीति की सवारी करने पर मजबूर हुए थे। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पहली बार आम चुनाव के मैदान में थी। उनके राजनीतिक करियर की ये उनकी शुरूआती जनसभाएं थीं। जिस दिन एंडरसन भोपाल आया, राजीव गांधी हरदा में थे। अर्जुनसिंह भी वहीं थे। चुनावी सभा में राजीव गांधी के कहने पर अर्जुनसिंह ने एंडरसन साहब की जानकारी ली और उन्हें पत

डेनमार्क ने हटाया मास्क, कहा- ज़िन्दगी मिली दोबारा

By देवांशी वशिष्‍ठ, दिल्ली से, 3/2/2022 - गुरु, 02/03/2022 - 07:59

आज के बुलेटिन में ख़ासः 

बजट 'विद्या' : डिजिटल इंडिया के डिजिटल बजट की 5 अहम बातें

By देवांशी वशिष्‍ठ, दिल्ली से, 02/02/2022 - बुध, 02/02/2022 - 08:00

आज के बुलेटिन में ख़ासः 

महावीर स्वामी के बजट में मानव और ब्रह्मचर्य

By अनुज राज पाठक, दिल्ली से, 1/2/2022 - मंगल, 02/01/2022 - 18:15

आज देश का बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया गया। बजट को हम प्राय: आर्थिक सन्दर्भों में ही देखते हैं। जबकि उसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग सभी कुछ समाहित होता है। हाँ, यह अवश्य है कि अर्थ को केन्द्र में रखकर और अर्थ की सहायता से अन्य चीजों को पाने की प्रस्तावना है। आधुनिक युग में हम सभी संपन्न होना चाहते हैं। इसी कारण अर्थ केन्द्र में है। इसीलिए सम्पन्नता को हम प्राय: आर्थिक सन्दर्भों में देखते और समझते हैं। 

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