अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया के बारे में सूचना आई है कि दोनों कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति भवन (White House) की ओर से इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि भी की गई है। उनके निजी चिकित्सक डॉक्टर सीन कॉनली की ओर से बताया गया है कि फिलहाल दोनों में कोरोना के शुरुआती और हल्के लक्षण हैं। वे अगले कुछ दिनों तक राष्ट्रपति भवन में ही रहेंगे। उनके स्वास्थ्य पर नज़दीकी निगाह रखी जा रही है।
आज एक अक्टूबर से काफ़ी-कुछ बदल गया है। इन बदलावों से हमें ‘सरोकार’ रखना चाहिए। इनके बारे में जानना चाहिए। क्योंकि ये एक जागरुक नागरिक के तौर पर हमारे लिए जरूरी हैं। हमारी दैनिक आवश्यकताओं से जुड़े हुए हैं। इन पर एक नजर डालते हैं.....
उत्तर प्रदेश में हाथरस के चंदपा गाँव में एक 20 साल की युवती से सामूहिक बलात्कार और उसके बाद बेरहमी से उसकी हत्या किए जाने के मामले की जाँच विशेष दल (एसआईटी) करेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि तीन सदस्यों की एसआईटी सात दिन के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपी जाएगी। ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। बीती 14 सितम्बर को दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पीड़ित युवती पर ऊँची जाति के कुछ लोगों ने हमला किया था। उस वक्त युवती अपनी माँ का हाथ बँटाने के लिए खेत में आई हुई थी। तभी उसे आरोपियों ने उठा
इन्टरनेट के माध्यम से गूगल पर जब हम कुछ तलाशने जाते हैं तो ‘सर्च बॉक्स’ (जहाँ खोजी जा रही चीज के बारे में कुछ लिखा जाता है) के ऊपर एक तस्वीर सी होती है। इस पर अक्सर अंग्रेजी में गूगल ही लिखा होता है। इसे ‘डूडल’ कहा जाता है। ‘डूडल’ का अर्थ वैसे तो कामचोर, आलसी आदि से लगाया जाता है। लेकिन एक अन्य अर्थ ‘मसक’ यानि राजस्थानी बीन भी होता है। सम्भव है, गूगल ने इसी मसक बाजे को ध्यान में रखकर इसे ‘डूडल’ नाम दिया हो। यह काम भी ‘मसक’ की तरह ही करता है। जैसे बीन हमारा ध्यान खींचती है। वैसे ही ‘डूडल’ भी अधिकांश मौकों पर इन्टरनेट का इस्तेमाल करने वालों का ध्या
लता मंगेशकर की ज़िन्दगी का शायद ही कोई पहलू ऐसा होगा, जिसे छुआ न गया हो। जिसके बारे में लिखा या पढ़ा न गया हो। फिर भी आज जब वे जीवन के 92वें पड़ाव पर पहुँची हैं, तो उनकी उम्र के बीते 91 साल के सफर के कुछ अहम मुकामों पर फिर नजर डाली जा सकती है। क्योंकि यह कोई सामान्य सफर नहीं है। हेमा से लता और फिर ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर, संघर्ष, साधना और सादगी के सफर का नाम है। जिससे हम कभी भी, कितनी बार भी रू-ब-रू हों, हमें प्रेरणा ही मिलती है। ये बताता है कि ‘भारत रत्न’ कोई यूँ ही नहीं हो जाता।
समाजसेवी डॉक्टर भरत और नन्दिता पाठक की बड़ी बेटी अपूर्वा की परवरिश इस तरह की हुई है कि वे सामाजिक सरोकारों से अपने आप को दूर नहीं रख पातीं। उनका बचपन ‘भारत रत्न’ नानाजी देशमुख के सान्निध्य में बीता है। उन्होंने छुटपन से ही अपने पिता-माता को भी समाज की सेवा में जीवन खपाते हुए देखा है। देख रही हैं। इसीलिए उनकी यह प्रकृति और प्रवृत्ति स्वाभाविक ही है। इसी प्रवृत्ति और प्रकृति की प्रेरणा है कि रविवार, 27 सितम्बर को जब दुनिया ने पश्चिमी संस्कृति वाला ‘डॉटर्स डे’ (Daughters' Day) मनाया तो अपूर्वा के मनोभाव देश की बेटियों, बेटी से माँ बनती और माँ से दादी-नानी बनती महिलाओं के लिए फूट पड़े
अभी इसी महीने की 14 तारीख को 'हिन्दी दिवस’ मनाया गया। हर साल मनाया जाता है। लेकिन हर बार हिन्दी के प्रसार के लिए होने वाले सार्थक प्रयासों की जगह भाषायी विवाद ज्यादा सुर्खियाँ बटोरते हैं। इस बार भी यही हुआ। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का बयान 'हिन्दी दिवस’ के मौके पर पूरे दिन चर्चा में रहा। उन्होंने कहा था, “हिन्दी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। हो भी नहीं सकती।” दक्षिण भारत के किसी राजनेता द्वारा हिन्दी पर की गई ऐसी टिप्पणी कोई नई बात नहीं है। वहाँ दशकों से हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने-बताने की हर कोशिश का विरोध होता आया है। पर दुखद य
मथुरा की अदालत में भगवान कृष्ण की ओर से मुकदमा दायर किया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन के जरिए रंजना अग्निहोत्री और छह अन्य भक्तों ने याचिका लगाई है। इस याचिका में ‘नाबालिग’ श्रीकृष्ण विराजमान को ‘वादी’ बनाया गया है। जबकि उत्तर प्रदेश सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ़ बोर्ड और कृष्ण जन्मभूमि से लगी शाही मस्जिद ईदगाह की प्रबन्ध समिति काे ‘प्रतिवादी’ बनाया गया है। याचिका में भगवान कृष्ण क
बिहार विधानसभा के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से शुक्रवार, 25 सितम्बर को बताया गया कि बिहार में तीन चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में तीन नवम्बर को 94 सीटों पर वोट डाले जाएँगे। जबकि तीसरे चरण में सात नवम्बर को बाकी 78 सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। राज्य विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनके लिए
कोरोना संक्रमण से रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगडी का निधन हो गया है। वे 65 साल के थे। बुधवार, 23 सितम्बर को उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अन्तिम साँस ली। यहाँ उनका इलाज चल रहा था। वे 11 सितम्बर को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। कोरोना महामारी से जान गँवाने वाले अंगडी पहले केन्द्रीय मंत्री हैं। वे कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के लोक सभा सदस्य थे। उन्होंने 2004 से बेलगावी लाेक सभा सीट से लगातार चार चुनाव जीते थे। उनसे