मैंने 17 अगस्त 2020 को फ्लिपकार्ट से एक मोबाइल फ़ोन मँगवाया। सामान बताए गए पते पर पहुँचने के बाद भुगतान करने (कैश ऑन डिलीवरी) का वहाँ कोई विकल्प नहीं था। इसलिए एकीकृत भुगतान व्यवस्था- यूपीआई (Unified Payments Interface) के ज़रिए भुगतान किया। बाद में किसी वजह से 20 अगस्त को मैंने मोबाइल का वह ऑर्डर रद्द कर दिया। उस समय फ्लिपकार्ट की ओर से बताया गया, “आपके पैसे वापस कर दिए गए हैं।” मैंने पता लगाया तो मेरे खाते में पैसे नहीं पहुँचे थे। तब मैंने सोचा कि अमूमन ऐसा होता है। कुछ दिन इन्तज़ार करना चाहिए।
संसद ने कृषि क्षेत्र में सुधारों से जुड़े दो बड़े विधेयकों को हरी झंडी दे दी है। इनमें पहला- कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन व सुविधा) अध्यादेश-2020 और दूसरा- मूल्य आश्वासन पर किसान (संरक्षण एवं सशक्तिकरण) समझौता व कृषि सेवा अध्यादेश-2020 है। इन दोनों विधेयकों को रविवार, 20 सितम्बर को राज्य सभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोक सभा ने इन विधेयकों को 17 सितम्बर को पारित किया था। इनमें से पहले विधेयक में प्रावधान है कि किसान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके में स्थापित ध्रुपद संस्थान पिछले 15-20 दिनों से चर्चाओं में बना हुआ है। वैसे देश और दुनिया में यह संस्थान चर्चित तो पहले से भी रहा है। लेकिन पहले और अब में फर्क है। पहले यह सकारात्मक संगीतिक कारणों चर्चा में रहता था और अभी नकारात्मक व्यक्तिगत कारणों से है। बल्कि मौज़ूदा कारणों को व्यक्तिगत कहना भी ठीक नहीं होगा। वे व्यक्तिगत तो तब तक थे, जब तक संस्थान के गलियारों की कानाफूसी में समाए हुए थे। लेकिन अब तो सार्वजनिक मंचों पर सबके सामने हैं। बहस का केन्द्र बने हुए हैं और उसके जरिए हमें बता रहे हैं कि ध्रुपद संस्थान में जो रहा है, उसके लिए कहीं न कहीं ह
नैनीताल में जुलाई से सितम्बर तक लगभग ढाई-तीन महीनों की लगातार बरसात और सीलन के बाद धूप आने पर गर्म कपड़ों, गलीचों, गद्दे और रजाइयों को टीन की छत पर सुखाने का एक सिलसिला चलता है। महीनों की सीलन और उदासी के बाद चमकदार धूप आने पर उसमें सूखते कपड़ों और हवा में गायब होती गर्म सीलन को सूँघने की ख़ुशी टीन की नालीदार छतों पर संभल-संभलकर चलती उन मुदितमना गृहणियों के चेहरे पर साफ़ झलकती है। घर के पुरुषों का भी इस जरूरी काम में भरपूर योगदान होता है। कारण कि अमूमन पहाड़ी घरों में पाए जाने वाले और बरसात के मौसम में लीटरों पानी और सीलन पी चुके गाँधी आश्रम के उन 50-50 किलो रुई के गद्दे, रजा
अभी 14 सितम्बर को पूरे देश में ‘हिन्दी दिवस’ मनाया गया। कहने के लिए तो यह ‘दिवस’ अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने और उसका प्रसार बढ़ाने और उसके प्रति अधिक जागरुकता लाने जैसे उद्देश्यों के साथ मनाया जाता है। लेकिन असल में हुआ क्या?
आज देशभर के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त परीक्षा (नीट-2020) आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में लगभग 15 लाख विद्यार्थी बैठ रहे हैं। इसके एक दिन पहले ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) यानि आईआईटी-जेईई (मेन्स) का नतीजा आया है। इसमें 24 परीक्षार्थियों की
चीन ने अपने यहाँ बंधक बनाए गए पाँच भारतीयों को रिहा कर दिया है। ये सभी अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बसे एक गाँव से बीते एक सितम्बर से लापता थे। बाद में पता चला कि ये चीन के इलाके में चले गए हैं। वहाँ इन्हें भारतीय जासूस होने के सन्देह में पकड़ लिया गया था। हालाँकि बाद में राजनयिक स्तर पर चली बातचीत के बाद इन सभी को रिहा करने पर सहमति बन गई। एनडीटीवी के मुताबिक भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर पाँचों भारतीय नागरिकों को रिहा किए जाने की पुष्टि
प्रिय ईशू
तुम कुछ ही दिनों बाद इस समय जिनेवा में सम्भवत: अपनी कक्षा में रहोगे। यह भगवद्कृपा है कि उच्च शिक्षा के लिए तुम्हें एक अच्छे विश्वविद्यालय में अध्ययन का अवसर मिला है। तुम अपनी पढ़ाई अच्छे से करोगे, इसमें मुझे सन्देह नहीं। पर मैं तुम्हारा ध्यान एक दीगर बात की ओर आकर्षित करना चाहूँगा। वह है, अध्ययन के अतिरिक्त ज्ञानार्जन की। अपने प्रवास के दौरान तुम यूरोप में भारत के प्रतिनिधि रहोगे। स्थानीय नागरिक तुम्हारे हर व्यवहार और गतिविधि से भारतीयों के सम्बन्ध में राय बनाएँगे। इसलिए एक जिज्ञासु विद्यार्थी के रूप में तुम्हारे ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होगी।
आज अनन्त चतुर्दशी मनाई गई। भगवान विष्णु के अनन्त स्वरूप की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। इसलिए उन्हीं से जुड़े अपने अनुभव के एक प्रसंग को आज मैं ‘डायरी’ में दर्ज़ करना चाहूँगा। कुछ रोज पहले मेरे एक परिचित ने मुझे व्हाट्स ऐप पर एक वीडियो भेजा। तिरुपति के मन्दिर में भगवान वेंकटेश्वर की आरती का वीडियो था। उसे देखकर मेरे सामने कई साल पहले की यादें ताज़ा हो गईं, जब मैं तिरुपति गया था। भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए। इस समय जो वीडियो मेरे सामने था, वह महज 1:02 मिनट का था। लेकिन उसे देखने के बाद बहुत देर तक उस मन्दिर के तमाम दृश्य मेरी आँखों के सामने घूमते रहे। एक बार तो ऐसा लग
देश के पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ प्रणब मुखर्जी का सोमवार, 31 अगस्त को निधन हो गया। वे 84 साल के थे। इसी महीने उन्हें दिल्ली स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहाँ उनके मस्तिष्क की शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) हुई थी। उसके बाद से उनकी हालत लगातार ख़राब होती गई। आख़िरी समय में उनके फेंफड़ों में संक्रमण हो गया था। इससे उनकी हालत में सुधार हो पाना सम्भव नहीं हो सका।