प्रिय मुनिया,
तुम्हें ये तीसरा पत्र लिखते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं तुम्हें ये पाती तब लिख रहा हूँ, जब तुम ठीक एक माह की हो गई हो। तुमने 27 जनवरी 2022 को इस ख़ूबसूरत दुनिया में कदम रखा था। अब 27 फरवरी को एक माह हो गए हैं। ये एक माह तुम्हारे साथ यूँ बीता है कि जैसे हम अपने बचपन को निहार रहे हों। तुम्हारे बहाने मैं और तुम्हारी माँ अपने-अपने बचपनों में लगातार झाँक रहे हैं। गोया कि तुम हमारे बचपन को फिर से देखने का कोई अतीत का द्वार हो। ये बहुत ख़ूबसूरत अहसास है मेरी लाडो। इसे मैं शब्दों में कैसे बयान करूँ।
दो मित्र थे। वे हर शनिवार की शाम एक वेश्या के पास जाया करते थे। एक शाम जब वे वेश्या के घर जा रहे थे, तभी उनकी दृष्टि रास्ते में एक कथा-स्थल पर पड़ी। वहाँ कोई संत कथा सुना रहे थे। तब पहला मित्र ने दूसरे से कहा, “आज आप आनन्द हेतु जाइए। मैं कथा सुनूँगा।” इसके बाद दूसरा मित्र पहले को छोड़कर आगे बढ़ गया। लेकिन कथा सुनने बैठा मित्र उसे नहीं छोड़ पाया। वह अब उसी के बारे में सोचता रहा कि वह जीवन के सुख ले रहा होगा। और मैं यहाँ बैठा हूँ। ऐसी जगह, जहाँ त्याग, तपस्या की बातें हो रही हैं। अभी इन सबकी मेरी आयु कहाँ है। मेरा मित्र कहीं अधिक बुध्दिमान है, क्योंकि मेरी तरह आध्यात्मिक प्र
आज के बुलेटिन में सुनिएः
नव-वर्ष, नव-संवत्सर, माँ दुर्गा की आराधना के नव-दिवस और इस मौके पर भरत-नाट्यम नृत्य के साथ माँ महिषासुरमर्दिनी की स्तुति, आराधना। भोपाल, मध्य प्रदेश की जानी-मानी नृत्यांगना लता सिंह मुंशी की शिष्या वैष्णवी द्विवेदी ने यह प्रयास किया है। उनका प्रयास किस स्तर का रहा, यह कमेंट सेक्शन में बताया जा सकता है। #अपनीडिजिटलडायरी के साहित्य, संस्कृति, भाषा, कला आदि से जुड़े सरोकार हैं। इसलिए डायरी लगातार इस तरह
आज के एपिसोड में ख़ास
सीबीआई के पूर्व निदेशक जे.एस बावा, जोगिंदर सिंह और मौजूदा निदेशक : केंद्र सरकार से पूरी तौर पर बंधी सीबीआई के पास यह मामला हादसे के कुछ ही घंटों में पहुंच गया था। उसी दिन दिल्ली से सीबीआई का जांचदल भी भोपाल पहुंच गया। फिर ऐसा क्या था जिसके कारण सीबीआई को केस के कागज़ पुलिस से लेने में छह दिन लग गए। सीबीआई ने भी इसे धारा 304-ए के तहत दर्ज किया। जबकि उस समय तक पुलिस इस मामले में धारा-304 पहले ही लगा चुकी थी। तत्कालीन निदेशक बावा के कार्यकाल में सीबीआई ने पुलिस से पूछा ही नहीं कि मुख्य अभियुक्त वारेन एंडरसन को किन हालातों में रिहा कर दिया गया और क्यों?
आज के एपिसोड में सुनिएः
विशेष आग्रहः यदि आपके पास भी हों कोई अपडेट और डायरी के जरिए लोगों तक पहुँचाना चाहते हों तो हमें लिखिए। हम आपसे सम्पर्क करेंगे।
प्रिय मुनिया,
आज के एपिसोड में ख़ास