बड़ा रोचक-सोचक है, इनका जमावड़ा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक जगह है, शाहपुरा। वहीं के आसपास के यही कोई 65 से 85 साल के करीब 14-15 ‘युवा’, जी हाँ युवा ही, मंडली के किसी एक सदस्य के घर पर हर महीने जुटते हैं। कोशिश होती है, महीने की शुरुआत में ही यह जुटान हो जाए। इस दौरान गप्पें होती हैं। ठहाके गूँजते हैं। शेरो-शायरी, कविताओं के दौर चलते है। दिल की बात और जज़्बात भी साझा करते हैं। फिर दावत होती है। और इस दावत में जलेबी ज़रूर होती है।
आज के बुलेटिन में जानिए
ऐसे ही कुछ अपडेट जानते हैं देवांशी से।
विशेष आग्रह : #अपनीडिजिटलडयरी से जुड़े नियमित अपडेट्स के लिए डायरी के टेलीग्राम चैनल (जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें) से भी जुड़ सकते हैं।
आज के बुलेटिन में जानिए
ऐसे ही कुछ अपडेट जानते हैं देवांशी से। फोटो एचटी से साभार।
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#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों से #नॉलेजपिल्स में देवांशी आज कुछ नई-पुरानी जानकारियों के साथ एक मौजूँ सा आग्रह कर रही हैं- जल्द से जल्द कोरोना टीका लगवा लेने का। कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप की वजह से संक्रमण के मामले पूरे देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। ओमिक्रॉन का पता सबसे पहले जिस दक्षिण अफ्रीका में लगाया गया था, वहीं से खबर ये भी है कि हमारे शरीर को कोरोना टीका लगवाने से मदद मिल रही है। इससे वह ओमिक्रॉन से मुकाबला करने में अधिक सक्षम हुआ है। लिहाजा, टीका अगर नहीं लगा है, तो जल्द लगवा लेने में ही भलाई है।
सावित्री बाई फुले का आज जन्मदिवस है। तत्कालीन समाज में जिस तरह से संघर्ष करके उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई के महत्व को समझा और लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया, वह सराहनीय है। इतिहास में यह सब सफलता के रूप में दर्ज है।
#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों को #नॉलेजपिल्स में देवांशी आज बता रही हैं, नए साल के ऐसे संकल्पों की जो पूरे हो सकते हैं। जैसे- महीने में कम से कम एक किताब पढ़ना, डायरी लिखना, अपने अपनों को ख्याल रखना, उनके साथ अधिक से अधिक वक्त बिताना। ताकि हमारी जिंदगी में कुछ मिठास, थोड़ी खुशी घुल सके।
ऐसे ही कुछ और.. जानते हैं देवांशी से।
#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों को #नॉलेजपिल्स में देवांशी आज बता रहीं हैं उनके बारे में, जो इस साल सुर्खियों में रहे। सुर्खियाँ बने। जैसे- भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, जिन्होंने ओलंपिक में पहली बार भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) जैसी प्रतिस्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सुंदर पिचई, कमला हैरिस जैसे भारतवंशी भी इस सूची में हैं। जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से भारत को कई बार गर्व करने का अवसर दिया।
ऐसे ही कुछ लोगों के बारे में, जानते हैं देवांशी से।
#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों को ‘नॉलेज पिल्स’ में देवांशी बता रहीं इस साल के कुछ चर्चित नवाचारों के बारे में। जैसे- एलजी का ओएलईडी टीवी। यह पलँग के पैरहाने पर फिट हो जाता है। यानि हम बिस्तर पर लेटे-लेटे आराम फरमाते हुए टीवी पर पसन्दीदा कार्यक्रम देख सकते हैं। ज़रूरत पड़े तो इसी टीवी को कंप्यूटर जैसा इस्तेमाल कर अपने काम निपटा सकते हैं। और जब नींद आए तो टीवी को पैरहाने में ही धीरे से नीचे सरकाकर खुद भी लम्बी तानकर सो सकते हैं।
ऐसे ही और भी कुछ नवाचाारों की बात, जानते हैं देवांशी से।
#अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों के लिए ‘नॉलेज पिल्स’ में देवांशी बता रहीं इस साल की प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं के बारे में। ख़ास तौर पर वे जो जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग आदि के कारण सामनें आईं। जैसे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यहाँ तक कि भारत के उत्तराखंड में भी जंगलों में लगी भयानक आग। बाढ़, भूकंप, तूफान और इसी तरह की अन्य घटनाएँ भी तमाम हुई हैं। इन घटनाओं से बड़े पैमाने पर जन के साथ धन की भी हानि हुई है। इस नुकसान से जरिए इन घटनाओं ने हमें बताया है कि हम आज नहीं चेते तो आने वाला कल हमारे लिए ही बड़ा मुश्किल होने वाला है।
छोटी सी बच्ची का बड़ा सा काम। ‘नॉलेज पिल्स’ यानि ज्ञान की गोली के रूप में। दिल्ली से देवांशी वशिष्ठ ने यह कोशिश शुरू की है। #अपनीडिजिटलडायरी के पाठकों को ‘नॉलेज पिल्स’ देने। इसमें सामान्य ज्ञान की कुछ चुनिन्दा घटनाओं की जानकारी वे दे रही हैं। भाषा अंग्रेजी है उनकी। क्योंकि उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अंग्रेजी माध्यम वाली है। हालाँकि यह अंग्रेजी ऐसी नहीं जो समझी न जा सके। देवांशी की कोशिश होगी कि वे रोज इस तरह की नॉलेज पिल्स डायरी के पाठकों को दे सकें। फिर भी वे अभी छोटी हैं तो सम्भव है, कभी सिलसिला चूके भी। हालाँकि डायरी के पाठकों का स्नेह उन्हें भरपूर मिला तो उनका प्रोत्साहन बढ़ेगा और