देखी-सुनी

राधाष्टमी : ‘या कन्या के आगैं कोटिक बेटन को अब मानैं’

टीम डायरी ; 26/8/2020

हिन्दु पंचांग के अनुसार आज राधाष्टमी है। यानि वह दिन, जब मधुरा के बरसाना कस्बे में, मुखिया वृषभान राय के घर ‘राधा जी’ ने जन्म लिया था। पूरे बृज में इस दिन को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। देशभर के तमाम कृष्ण मन्दिरों में भी विशेष आयोजन होते हैं। क्योंकि ‘राधा’ कोई सामान्य किशोरी नहीं मानी जातीं। उन्हें श्रीकृष्ण की परम प्रेयसी का दर्जा हासिल है। बल्कि उनसे भी ऊपर मानी जाती हैं। राधा जी के जन्म और इसके बाद उनकी छठी पूजा आदि के मौके पर गाए जाने वाले पदों में इसका स्पष्ट उल्लेख है। जैसे- नीचे दिए गए इस पद में ख़ास तौर पर कहा गया है, “या कन्या के आगैं, कोटिक बेटन को अब मानैं...”। मतलब- करोड़

प्रतीकात्मक तस्वीर

ऐसे बढ़िया उच्चारण के साथ ‘श्रीगणेश स्तोत्र’ सुनने मिलना वास्तव में सुखद अनुभूति देता है

चेतन वेदिया, दिल्ली से; 23/8/2020

पूरा देश इन दिनों गणपति बप्पा की आराधना में जुटा है। उनसे कामना कर रहा है, विनती कर रहा है कि वे अपने ‘विघ्नहर्ता’ स्वरूप के प्रभाव से देश और दुनिया को कोरोना महामारी के संकट से मुक्ति दिलाएँ। ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामय:’ का सभी जीव-जनों आशीष दें। ऐसी कामनाओं, विनतियों के बीच ही अगर हमारी परिष्कृत भाषा ‘संस्कृत’ में भगवान गणेश की स्तुति, वह भी बढ़िया और सधे हुए उच्चारण के साथ सुनने मिल जाए तो क्या कहने। उससे होने वाली सुखद अनुभूति को शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। पर इस अनुभूति से गुजरना सम्भव हो पाया है।

रचना ऐसी अद्भुत हो तो क्या शीटी बजाना तब भी बुरा होगा?

टीम डायरी ; 19/8/2020

शीटी बजाना आम तौर पर अच्छा नहीं माना जाता। अक्सर बड़े-बुज़ुर्ग ऐसा करने से छोटों को रोकते हैं। कई बार शीटी के चक्कर में पिटने-पीटने की नौबत भी आ जाती है। लेकिन ऐसी आम धारणा को इस वीडियो में प्रदर्शित रचनात्मकता पूरी तरह छिन्न-भिन्न करती है।

यह वीडियो ‘इंडियन व्हिशलर्स एसोसिएशन’ के यू-ट्यूब चैनल से लिया गया है। ये संगठन उन लोगों का है, जिन्होंने शीटी बजा-बजाकर सुर-संगीत को साध लिया है। वह भी इस स्तर पर कि देखने-सुनने वाले के मुँह से ‘वाह’ निकल उठे। इतना कि दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय चैनल पर भी इनकी शीटियों से निकली रचना का प्रदर्शन किया जाने लगे।

पाँच साल की ये बच्ची बड़ों के लिए भी ‘बड़ी मिसाल’ है!

टीम डायरी ; 16/8/2020

चेन्नई की रहने वाली पाँच साल की बच्ची संजना, तीरन्दाजी के अपने ‘हुनर’ की वज़ह से फिर चर्चा में है। उसने अभी 15 अगस्त के दिन हवा में उल्टे लटककर लगातार 111 तीर छोड़कर निशाना लगाया है। वह भी महज 13 मिनट 15 सेकेंड में। इस तरह उसने गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए अपना दावा पेश किया है। यहाँ दिए जा रहे वीडियो में उसका यह कारनामा देखा जा सकता है। संजना के कोच शिहान हुसैनी की मानें तो किसी युवा पेशेवर तीरन्दाज ने भी अब तक ऐसा कमाल नहीं किया है। वैसे यह पहली बार नहीं है, जब संजना ने तीरन्दाज़ी में इस तरह का प्रदर्शन किया हो। साल 2018 में जब वह महज़ साढ़े तीन साल की थी,

प्रतीकात्मक तस्वीर

माँ के रूप में मेरी ज़िन्दगी का सबसे यादग़ार लम्हा, जब बेटी ने पूछा- मम्मा, मैं आपके जैसी कब बनूँगी?

शिखा पांडे, अहमदाबाद, गुजरात से ; 10/ 8/2020

मैं शिखा पांडे। अहमदाबाद में अपने छोटे से, प्यारे से परिवार के साथ रहती हूँ। मेरी दो प्यारी सी बेटियाँ हैं। अमिषी और श्रीतिजा। आज सुबह की बात है। मैं कुछ काम कर रही थी। तभी अमिषी मेरे पास आई और बोली, “मम्मा! मैं आपके जैसी कब दिखूँगी? आपके जैसी कब बनूँगी?” मैंने उससे पूछा, “तुम्हें मेरे जैसा बनना है? मेरे जैसा दिखना है?” तो उसका ज़वाब आया, “हाँ मम्मा!

प्रभु की कृपा भयउ सब काजू। जन्म हमार सुफल भा आजू।।

टीम डायरी ; 5/8/2020

अयोध्या में बुधवार पाँच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि पर मन्दिर के निर्माण का शुभारम्भ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिन में करीब साढ़े बारह बजे शुभ मुहूर्त में शिला पूजन कर निर्माण कार्य का श्रीगणेश किया। लगभग पाँच सौ साल के लम्बे संघर्ष के बाद देश आज इस ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना है। संघर्ष के दौर में पीढ़ियाँ खप गईं।

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