सोनम वांगचुक से समझें, कैसे सुधरेंगे हमारे सरकारी स्कूल


सोनम वांगचुक को देश ही नहीं, दुनिया के दूसरे देशों में भी लोग जानते हैं। शिक्षाविद्। हमेशा नवाचार में लगे रहने वाले। हर समय देश के हित में सोचने वाले। उन्होंने कुछ समय पहले ही मराठी भाषा के ‘एबीपी माझा’ चैनल पर एक साक्षात्कार दिया। इसमें बताया कि भारत के सरकारी स्कूलों की दशा-दिशा कैसे सुधारी जा सकती है।

इस साक्षात्कार के दौरान वांगचुक ने जो मिसाल दी है, वह चौंकाती है। भूटान की, जो भारत के किसी एक शहर से भी छोटा देश है। लेकिन उसने काम निश्चित रूप से बहुत बड़ा किया है। इसीलिए यह मिसाल भारत जैसे कई देशों की आम जनता से लेकर शासक श्रेणी तक सबको सिखाती भी है। बताती है कि बदलाव हमसे शुरू होता है।

साक्षात्कार का इतना हिस्सा विभिन्न सामाजिक मंचों पर साझा किया जा रहा है। लाेग इस पर बात कर रहे हैं। इस पर बात होनी भी चाहिए। क्योंकि बात निकलेगी तो ही दूर तलक जाएगी। और हो सकता है, कभी शासक वर्ग के कानों तक भी पहुंचे। इसलिए इस सामाजिक, शैक्षिक ‘सरोकार’ में #अपनीडिजिटलडायरी भी सहभागी हुई है।

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